पचोर। परमात्म अनुभूति भवन, पचोर में ब्रह्माकुमारीज संस्था की ओर से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव श्रद्धा, उमंग और आध्यात्मिक वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर राम गिरि जी महाराज, नगर परिषद अध्यक्ष विकास करोड़िया, विद्युत मंडल सुपरवाइजर गिर्राज पाटीदार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और बच्चे शामिल हुए।
महोत्सव के दौरान नन्हे-मुन्ने बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण, राधा सहित विभिन्न देवी-देवताओं के स्वरूप धारण कर आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों की वेशभूषा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में भगवान श्रीकृष्ण की आरती और पूजन भी किया गया।

जन्माष्टमी का बताया आध्यात्मिक रहस्य
ब्रह्माकुमारी मोनिका दीदी ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्रीकृष्ण पवित्रता, प्रेम, सत्यता, दिव्य गुणों और श्रेष्ठ संस्कारों के प्रतीक हैं। जन्माष्टमी हमें काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार जैसे विकारों को दूर कर जीवन में दैवी गुणों को अपनाने की प्रेरणा देती है।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार श्रीकृष्ण का बाल स्वरूप सभी को आकर्षित करता है, उसी प्रकार मनुष्य का मन भी निर्मल, निश्छल और प्रेमपूर्ण होना चाहिए। सच्ची जन्माष्टमी तभी सार्थक है, जब हमारे जीवन में श्रेष्ठ विचारों और दिव्य संस्कारों का जन्म हो। राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से मन को शांत और सकारात्मक बनाकर जीवन में देवत्व लाया जा सकता है।

महामंडलेश्वर ने संस्था के कार्यों को सराहा
मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर राम गिरि जी महाराज ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज संस्था बच्चों में संस्कार, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों का विकास करने का सराहनीय कार्य कर रही है। वर्तमान समय में बच्चों को भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह सनातन संस्कृति के मूल्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य है।
नगर परिषद अध्यक्ष विकास करोड़िया ने कहा कि वे जब भी संस्थान में आते हैं, उन्हें कुछ नया सीखने को मिलता है। बच्चों में संस्कार और देवत्व का भाव विकसित करने के लिए संस्था द्वारा किए जा रहे प्रयासों की उन्होंने सराहना की।
कार्यक्रम के अंत में ब्रह्माकुमारी वैशाली दीदी ने अतिथियों, बच्चों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बच्चों में अच्छे संस्कार और आध्यात्मिक मूल्यों का बीजारोपण ही उज्ज्वल समाज की मजबूत नींव है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आध्यात्मिक संदेश को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
