दुर्घटना में कैसे बचाएं किसी की जान? पचोर कॉलेज में विद्यार्थियों ने सीखा प्राथमिक उपचार: रेडक्रॉस ने कराया प्रैक्टिकल प्रशिक्षण
पचोर। सड़क दुर्घटना, आगजनी या अन्य आकस्मिक घटनाओं में चिकित्सक के पहुंचने से पहले घायल व्यक्ति को दी जाने वाली प्राथमिक सहायता कई बार जीवनरक्षक साबित हो सकती है। इसी उद्देश्य से वीर सावरकर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय पचोर में यूथ रेडक्रॉस इकाई द्वारा विद्यार्थियों को प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम प्राचार्य प्रो. आरके गुप्ता के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों को आकस्मिक परिस्थितियों में घायल एवं जरूरतमंद व्यक्ति को तत्काल प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक जानकारी और व्यावहारिक कौशल से प्रशिक्षित करना था।

प्रो. सतीश कुमार बैरागी ने प्राथमिक उपचार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दुर्घटना या किसी आकस्मिक स्थिति में चिकित्सकीय सहायता मिलने से पहले दिया गया सही प्राथमिक उपचार पीड़ित की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से प्राथमिक उपचार की मूलभूत जानकारी हासिल कर आवश्यकता पड़ने पर उसका सही तरीके से उपयोग करने का आह्वान किया।
चोट, जलने और सड़क हादसे में बरती जाने वाली सावधानियां बताईं
प्रशिक्षण के दौरान डॉ. दिलीप गर्ग ने चोट लगने, रक्तस्राव, घाव, जलने, फ्रैक्चर, मोच, बेहोशी और सड़क दुर्घटना जैसी परिस्थितियों में प्राथमिक सहायता देने की जानकारी दी। विद्यार्थियों को प्राथमिक उपचार किट के उपयोग और आपात स्थिति में बरती जाने वाली जरूरी सावधानियों से भी अवगत कराया गया।
रेडक्रॉस प्रभारी रविंद्र मेवाड़ा ने कहा कि यूथ रेडक्रॉस का उद्देश्य विद्यार्थियों में मानव सेवा, संवेदनशीलता और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। प्राथमिक उपचार का ज्ञान युवाओं को आपातकालीन परिस्थितियों में जरूरतमंदों की मदद करने के लिए सक्षम बनाता है।
प्रशिक्षण में विद्यार्थियों को बताया गया कि किसी दुर्घटना के दौरान घबराने के बजाय सबसे पहले घटनास्थल की सुरक्षा सुनिश्चित करें। इसके बाद घायल व्यक्ति की स्थिति का प्राथमिक आकलन कर उपलब्ध संसाधनों के अनुसार सहायता प्रदान करें और आवश्यकता होने पर तत्काल चिकित्सकीय मदद बुलाएं।
विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ प्रशिक्षण में भाग लेते हुए प्राथमिक उपचार की विभिन्न विधियों का व्यावहारिक अभ्यास किया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को आपात स्थिति में जीवन बचाने, पीड़ा कम करने और समय पर उचित सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैयार करना रहा।