पचोर में मिलावटी खाद्य पदार्थों पर शिकंजा: डेयरी से 8 किलो संदिग्ध घी नष्ट कराया, मावा का भी लिया सैंपल
पचोर। मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ जिले में प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। गुरुवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने पचोर नगर के अलग-अलग खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान एक दूध डेयरी से संदिग्ध घी का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया, जबकि करीब 8 किलो घी को मिलावट की आशंका के चलते मौके पर ही नष्ट करा दिया गया। वहीं एक मावा भंडार से भी मावा का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया है।
कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा के निर्देशन में जिलेभर में मिलावटी एवं संदिग्ध खाद्य पदार्थों की रोकथाम के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लगातार निरीक्षण और सैंपलिंग की कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने गुरुवार को पचोर नगर में विभिन्न दुकानों और खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की।

निरीक्षण के दौरान शुजालपुर रोड स्थित बोड़ा नाका क्षेत्र में संचालित हरि ओम दूध डेयरी पर टीम पहुंची। यहां जांच के दौरान करीब 9 किलोग्राम संदिग्ध घी मिला। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने घी का नमूना जांच के लिए लिया। शेष करीब 8 किलोग्राम घी को संदिग्ध एवं मिलावटी होने की आशंका के कारण नियमानुसार नष्ट करा दिया गया। नष्ट कराए गए घी की अनुमानित कीमत करीब 6 हजार रुपए बताई गई है।
इसके बाद टीम ने बस स्टैंड और टेंशन चौराहा के बीच स्थित मां गायत्री मावा भंडार का भी निरीक्षण किया। यहां रखे मावा की गुणवत्ता को लेकर नमूना लिया गया। दोनों प्रतिष्ठानों से लिए गए खाद्य नमूनों को राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा जाएगा।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार प्रयोगशाला से जांच प्रतिवेदन मिलने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घी और मावा गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हैं या इनमें मिलावट की गई है। यदि नमूने अमानक या मिलावटी पाए जाते हैं तो संबंधित संचालकों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आम लोगों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए जिले में जांच अभियान लगातार जारी रहेगा। खासकर दूध, घी, मावा और अन्य खाद्य सामग्री बेचने वाले प्रतिष्ठानों की नियमित जांच कर मिलावटखोरों पर कार्रवाई की जाएगी।