सारंगपुर। समान नागरिक संहिता (UCC) के विरोध में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन (AIMIM) ने मंगलवार को सारंगपुर में जोरदार प्रदर्शन किया। मध्यप्रदेश AIMIM प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने पैदल विरोध यात्रा निकाली। रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए तहसील कार्यालय पहुंची, जहां एसडीएम जय सोलंकी को राष्ट्रपति और मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में AIMIM कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं के हाथों में ‘UCC वापस लो’ जैसे नारे लिखे पोस्टर, पार्टी के झंडे और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के चित्र दिखाई दिए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए समान नागरिक संहिता का विरोध दर्ज कराया।
‘मजहबी आजादी और मौलिक अधिकारों पर असर’
ज्ञापन सौंपते हुए प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान ने कहा कि UCC मजहबी आजादी को प्रभावित करने वाला कानून है। उन्होंने कहा कि पार्टी का विरोध केवल किसी एक समुदाय के अधिकारों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संविधान द्वारा नागरिकों को दिए गए मौलिक अधिकारों और संविधान की मूल भावना की रक्षा का विषय है।
AIMIM ने ज्ञापन में मांग की कि देश की विविधता और विभिन्न धर्मों से जुड़े व्यक्तिगत कानूनों पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले प्रावधानों पर पुनर्विचार किया जाए। नेताओं ने कहा कि नागरिकों को संविधान से प्राप्त धार्मिक और सांस्कृतिक अधिकारों से किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए।
आंबेडकर की तस्वीर लेकर पहुंचे कार्यकर्ता
प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेता डॉ. फारुख डॉ. बीआर आंबेडकर की तस्वीर लेकर शामिल हुए। AIMIM नेताओं ने संविधान की रक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने की बात कही। पार्टी नेता सलमान फ्रूट ने कहा कि यदि सरकार ने जनभावनाओं और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की अनदेखी की तो पार्टी आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रखेगी।
ज्ञापन प्राप्त करने के बाद एसडीएम जय सोलंकी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि ज्ञापन उचित माध्यम से राष्ट्रपति और राज्यपाल तक पहुंचाया जाएगा। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन और पुलिस भी सतर्क रही तथा एसडीएम कार्यालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए गए।