सारंगपुर में वर्ष 2012 में हुए ट्रक हादसे में आदिवासी युवक की मौत के मामले में करीब 14 साल से फरार चल रहे आरोपी को सारंगपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ न्यायालय से स्थाई वारंट जारी था। पुलिस को सूचना मिली थी कि वह काम की तलाश में इंदौर की ओर जा रहा है, जिसके बाद सारंगपुर बायपास स्थित नेशनल हाईवे पर घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया।
थाना प्रभारी राहुल रघुवंशी ने सोमवार को बताया कि वर्ष 2012 में सारंगपुर क्षेत्र में हुए सड़क हादसे के मामले में आरोपी चालक लंबे समय से फरार था। उसके खिलाफ स्थाई वारंट जारी होने के बाद पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। एसडीओपी अरविंद सिंह के मार्गदर्शन में फरार वारंटी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम सक्रिय थी।
इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि स्थाई वारंटी लक्ष्मण पिता नाथूसिंह कुशवाह निवासी ग्राम गुराबल, थाना सुभाषपुरा, जिला शिवपुरी काम की तलाश में इंदौर की ओर जा रहा है। सूचना के आधार पर उपनिरीक्षक दीपक परमार पुलिस बल के साथ नेशनल हाईवे पहुंचे और चेकिंग अभियान शुरू किया।
पुलिस ने हाइवे पर घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया। आरोपी की पहचान लक्ष्मण पिता नाथूसिंह कुशवाह, उम्र 35 वर्ष के रूप में हुई। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायालय ने जेल वारंट जारी करते हुए आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में उप जेल सारंगपुर भेज दिया।
2012 के हादसे से जुड़ा है मामला
पुलिस के अनुसार आरोपी वर्ष 2012 में सारंगपुर में हुए ट्रक दुर्घटना मामले में फरार चल रहा था। इस हादसे में एक आदिवासी युवक की मौत हुई थी। घटना के बाद से आरोपी पुलिस और न्यायालय की कार्रवाई से बचता रहा, लेकिन आखिरकार 14 साल बाद सारंगपुर पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
कार्रवाई में थाना प्रभारी राहुल रघुवंशी, उपनिरीक्षक दीपक परमार, सहायक उपनिरीक्षक रामकैलाश दांगी और आरक्षक नरेंद्र धाकड़ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।