पड़ाना के एमपी बोर्ड के प्रसिद्ध सेवानिवृत्त प्रोफेसर और वरिष्ठ समाज सेवी हाजी कमरुद्दीन चौधरी का रविवार को अचानक निधन हो गया। उनके निधन की खबर से उनके गृह क्षेत्र में शोक की लहर दौड गई है। वह अपने पीछे एक भरा-पूरा परिवार और समाज सेवा की समृद्ध विरासत छोड गए हैं। हाजी कमरुद्दीन चौधरी ने अपने जीवन का एक बडा हिस्सा शिक्षा और समाज सुधार के कार्यों में समर्पित किया। एक प्रोफसर के रूप में उन्होंने कई पीढियों को मार्गदर्शन दिया और युवाओं को उच्च शिक्षा के प्रति जागरूक किया। सेवानिवृत्ति के बाद भी वे निरंतर सामाजिक कल्याण, जरूरतमंदों की मदद और आपसी भाईचारे को बढावा देने वाले कार्यों में सक्रिय रहे। अपने सरल, मिलनसार और दयालु स्वभाव के कारण वे हर वर्ग में लोकप्रिय और सम्मानित थे। रविवार को सुपूर्दे खाक की प्रक्रिया उनके पैतृक गांव पड़ाना में संपन्ना की गई। जोहर की नमाज के बाद उनके पैतृक निवास में जनाजा उठाया गया और जनाजे की नमाज अदा की गई, जिसके बाद उन्हें नम आंखों से सुपुर्द-ए-खाक किया गया। जनाजे में बडी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, रिश्तेदार, शिक्षा जगत से जुडे लोग, समाजसेवी और भोपाल से पहुंचे प्रबुद्ध नागरिक शामिल हुए। सभी ने मरहूम को अंतिम विदाई दी और उनके समाज हित में दिए गए योगदान को याद किया।