एक APK ने खाली कर दिया खाता, गुजरात तक पहुंची पुलिस; 3 आरोपी पकड़े तो पूरी रकम ₹2.72 लाख बरामद
राजगढ़/खुजनेर/पचोर। मोबाइल में एक APK फाइल डाउनलोड की और कुछ ही समय में बैंक खाते से ₹2 लाख 72 हजार 101 रुपए निकल गए। चार ट्रांजेक्शन में हुई इस साइबर ठगी के बाद शुरू हुई पुलिस की जांच गुजरात के सूरत जिले तक पहुंची। खुजनेर पुलिस ने तीन संदिग्धों को अभिरक्षा में लिया और पूछताछ व निशादेही के बाद ठगी की पूरी रकम बरामद कर ली।
एसपी अमित तोलानी ने पचोर थाने में खुलासा करते हुए बताया की ग्राम बड़लावदा निवासी जितेन्द्र यादव (35) ने 18 अगस्त को खुजनेर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसके मुताबिक मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड करने के बाद खाते से रकम निकल गई। पुलिस ने मामले में अपराध क्रमांक 171/2026 दर्ज कर जांच शुरू की।
पहले बैंक खाते पर रोक, फिर शुरू हुआ साइबर ट्रेल
शिकायत मिलते ही पुलिस ने संबंधित बैंकों से संपर्क किया। तत्काल कार्रवाई में ₹66,896 होल्ड करा दिए गए। इसके बाद पुलिस टीम ने ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और तकनीकी जानकारी के आधार पर ठगी की रकम के ट्रेल को खंगाला।
जांच में संदिग्धों की कड़ी गुजरात के सूरत जिले तक पहुंची। पुलिस टीम ने 22 सितंबर को सेफ अली, आदिल और मोहम्मद सोयल को अभिरक्षा में लिया। तीनों से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी और निशादेही के आधार पर पुलिस ने ₹2,72,101 की पूरी ठगी राशि बरामद कर ली।
4 ट्रांजेक्शन में गई रकम, 100% रिकवरी
पुलिस के अनुसार खाते से चार ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए कुल ₹2,72,101 निकाले गए थे। कार्रवाई के बाद पुलिस ने इस रकम की शत-प्रतिशत रिकवरी की है। अब आरोपियों से यह पता लगाने के लिए पूछताछ की जा रही है कि इस साइबर ठगी में इनके साथ और कौन लोग जुड़े हैं तथा APK फाइल के जरिए ठगी का नेटवर्क कैसे संचालित किया जा रहा था।
पुलिस ने आरोपियों की पहचान से जुड़े अन्य तथ्यों और साइबर नेटवर्क की भूमिका की जांच जारी होने की बात कही है।
एक फाइल ने बनाया साइबर ठगी का रास्ता
इस मामले में पुलिस ने लोगों को विशेष रूप से APK फाइल डाउनलोड करने से बचने की सलाह दी है। अनजान लिंक, APK, QR कोड या संदिग्ध कॉल के जरिए मोबाइल अथवा बैंकिंग जानकारी हासिल कर साइबर ठगी की जा सकती है।
राजगढ़ पुलिस ने अपील की है कि साइबर ठगी होने पर देरी किए बिना 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करें। समय पर शिकायत करने से बैंकिंग ट्रांजेक्शन को होल्ड कराने और रकम वापस कराने में मदद मिल सकती है।