चंदौली

गाजीपुर तिहरा हत्याकांड पर मानवाधिकार आयोग का संज्ञान, खालिद वकार आबिद की शिकायत पर वाराणसी जोन को जांच के निर्देश

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गाजीपुर। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के गहमर थाना क्षेत्र अंतर्गत खेलूराय पट्टी में हुए सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड को लेकर मानवाधिकार कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता खालिद वकार आबिद की पहल रंग लाई है। उनकी ओर से दर्ज कराई गई शिकायत पर राज्य मानवाधिकार आयोग (SHRC) ने मामले का संज्ञान लेते हुए इसे गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन मानते हुए संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई रिपोर्ट तलब की है।यह जघन्य हत्याकांड 24 दिसंबर 2025 की रात का है, जब जन्मदिन की पार्टी से बाइक से घर लौट रहे तीन युवक—विक्की सिंह (निवासी खेमनराय पट्टी), सौरभ सिंह (निवासी बाबूराय पट्टी) और अंकित सिंह (निवासी गोपालराय पट्टी)—की बेरहमी से हत्या कर दी गई। आरोप है कि वर्चस्व को लेकर हुए विवाद में तीनों युवकों को धारदार हथियार से मौत के घाट उतारकर उनके शव पोखरे में फेंक दिए गए।घटना के अगले दिन 25 दिसंबर को विक्की सिंह और सौरभ सिंह के शव पोखरे से बरामद हुए, जबकि अंकित सिंह कई दिनों तक लापता रहा। पुलिस ने एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की मदद से पांच दिनों तक व्यापक तलाशी अभियान चलाया। 29 दिसंबर को पोखरे से पानी निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई, जिसके बाद 30 दिसंबर को अंकित सिंह का शव पानी की टंकी के पाइप के पास फंसा हुआ मिला। शाम करीब 4:30 बजे से 6 बजे तक तीन डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया।पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अंकित सिंह के सिर पर घातक वार की पुष्टि हुई है, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। सिर से लेकर गर्दन तक, बाएं कंधे, आंख के ऊपर और सीने पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं, जो हत्या की नृशंसता को दर्शाते हैं।इस प्रकरण में पुलिस द्वारा कुल 13 आरोपियों को नामजद किया गया है, जिनमें से 10 आरोपी अब तक फरार हैं। हत्या में प्रयुक्त धारदार हथियार भी अभी तक बरामद नहीं हो सके हैं।इस पूरे मामले को लेकर मानवाधिकार कार्यकर्ता खालिद वकार आबिद ने राज्य मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराते हुए निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच, सभी नामजद आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, दोषी पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा तथा मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या सीबीआई को सौंपे जाने की मांग की थी।उनकी शिकायत पर संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने 05 जनवरी 2026 को आदेश जारी किया, जिसमें कहा गया है कि आरोपों की प्रकृति को देखते हुए शिकायत की एक प्रति अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, वाराणसी जोन, वाराणसी को भेजी जाए। आयोग ने निर्देश दिए हैं कि संबंधित अधिकारी मामले की समीक्षा कर कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करें और आयोग को अवगत कराएं।यह घटना जहां एक ओर कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है, वहीं मानवाधिकार कार्यकर्ता खालिद वकार आबिद की सक्रियता से पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद बंधी है। अब पीड़ित परिवार सहित पूरे क्षेत्र की निगाहें मानवाधिकार आयोग और पुलिस प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। 

 

 

 

 

सूर्य प्रकाश सिंह की रिपोर्ट