एक जाजम पर बैठेंगे सवर्ण समाज के संगठन, बोले- यह फोटो की राजनीति नहीं, सर्व समाज का आंदोलन
पचोर में महाजन-वैश्य, ब्राह्मण, कायस्थ और राजपूत समाज की बैठक; 20 सितंबर को राजगढ़ पहुंचने का संकल्प, प्रतिष्ठान बंद नहीं कर सकने वाले लोग आर्थिक सहयोग से देंगे साथ
पचोर। 20 सितंबर को राजगढ़ में प्रस्तावित सवर्ण आक्रोश आंदोलन को लेकर पचोर ब्लॉक में सवर्ण समाज के विभिन्न संगठनों ने एकजुटता दिखाते हुए मंगलवार को बड़ा महादेव परिसर में बैठक आयोजित की। इसमें महाजन-वैश्य, ब्राह्मण, कायस्थ और राजपूत समाज के वरिष्ठजन, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाजबंधु शामिल हुए। बैठक में आंदोलन की तैयारियों के साथ पचोर क्षेत्र से अधिक से अधिक संख्या में लोगों को राजगढ़ पहुंचाने को लेकर रणनीति पर चर्चा की गई।
बैठक में समाजजनों ने कहा कि आंदोलन को किसी एक संगठन तक सीमित नहीं रखा जाएगा। सभी समाज और संगठन मिलकर एकजुटता के साथ अपनी मांगों और मुद्दों को शासन तक पहुंचाएंगे। इसके लिए गांव-गांव और समाज के स्तर पर लोगों से संपर्क कर 20 सितंबर को राजगढ़ पहुंचने का आह्वान किया जाएगा।
प्रतिष्ठान बंद नहीं कर सकें तो आर्थिक सहयोग से देंगे साथ
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि ऐसे लोग जो किसी विशेष कारण से अपना प्रतिष्ठान बंद कर आंदोलन में शामिल नहीं हो सकते, वे आर्थिक सहयोग देकर अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं। वक्ताओं ने विशेष रूप से मेडिकल स्टोर, क्लिनिक और अस्पताल जैसे आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनके बंद रहने से आम लोगों को परेशानी हो सकती है। ऐसे समाजबंधु आर्थिक सहयोग के माध्यम से आंदोलन को मजबूती देंगे।
आंदोलन की व्यवस्थाओं के लिए झंडे, डंडे, बैनर, पोस्टर, वाहन और अन्य आवश्यक संसाधनों में भी हरसंभव सहयोग करने की बात कही गई। समाजजनों ने आंदोलन को व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए अपने-अपने सुझाव रखे।
‘फोटो के लिए नहीं, मुद्दों के लिए आंदोलन’
बैठक में करणी सेना के पदाधिकारियों ने कहा कि यह आंदोलन किसी संगठन विशेष का नहीं, बल्कि सर्व समाज का आंदोलन है। उन्होंने कहा कि आंदोलन को फोटो या व्यक्तिगत प्रचार का माध्यम नहीं बनाया जाएगा। सभी संगठन और समाज एक जाजम पर बैठकर सामूहिक रूप से आंदोलन को मजबूती देंगे।
वक्ताओं ने कहा कि एससी-एसटी एक्ट और आरक्षण से जुड़े मुद्दों को लेकर सवर्ण समाज में असंतोष है। इसी के चलते समाज अपनी आवाज शासन तक पहुंचाने के लिए आंदोलन में शामिल होगा। बैठक समाप्त होने के बाद समाज के वरिष्ठजनों और पदाधिकारियों को 20 सितंबर के आंदोलन के लिए ‘पीले चावल’ भेंट कर आमंत्रित किया गया।
