राजगढ़ जिले के बोड़ा थाना क्षेत्र से लापता हुई 15 वर्षीय किशोरी को पुलिस ने 48 घंटे के भीतर अजमेर रेलवे स्टेशन से दस्तयाब कर लिया। पुलिस ने मामले में 22 वर्षीय युवक फरदीन पिता फारूक खान, निवासी पीपलिया रसोड़ा को हिरासत में लिया है। किशोरी के दस्तयाब होने के बाद पुलिस ने उसके बयानों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, थाना क्षेत्र के समीप गांव की रहने वाली किशोरी के परिजनों ने दो दिन पहले बोड़ा थाने पहुंचकर गुमशुदगी दर्ज कराई थी। साथ ही किशोरी के अपहरण की आशंका जताते हुए पुलिस से तलाश की मांग की थी।
अजमेर रेलवे स्टेशन तक पहुंची पुलिस टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए टीआई देवेंद्र सिंह राजपूत के नेतृत्व में पुलिस टीम ने किशोरी की तलाश शुरू की। पुलिस ने संभावित स्थानों पर जानकारी जुटाने के साथ लगातार तकनीकी एवं मैदानी स्तर पर प्रयास किए। जांच के दौरान किशोरी के अजमेर में होने की जानकारी मिलने पर पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर अजमेर रेलवे स्टेशन से उसे दस्तयाब कर लिया। पुलिस ने आरोपी फरदीन को भी हिरासत में लिया है।
कोर्ट में दर्ज हुए 164 के बयान
किशोरी के मिलने के बाद शुक्रवार सुबह पुलिस उसे नरसिंहगढ़ न्यायालय लेकर पहुंची, जहां उसके बयान धारा 164 के तहत दर्ज कराए गए। पुलिस अब किशोरी के बयानों और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
हिंदू संगठनों ने ‘लव जिहाद’ से जोड़कर जांच की मांग की
मामले की जानकारी मिलने के बाद बजरंग दल, हिंदू जागरण मंच सहित हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता भी बोड़ा पहुंचे। संगठनों ने पुलिस से मामले की पूरी जांच कराने की मांग करते हुए इसे ‘लव जिहाद’ से जुड़ा होने का आरोप लगाया है।
वहीं थाने के बाहर जमा हुए परिजनों और उनके साथ आए लोगो के अनुसार किशोरी 15 दिन से गायब थी। उन्होंने पहले खोजने की कोशिश की रिश्तेदारों में तलाश की फिर युवक के द्वारा अपहरण करने की जानकारी मिलने के बाद गुमशुदगी और अपहरण की आशंका की शिकायत दर्ज करवाई थी।
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि आरोपी किशोरी को लेकर गुजरात में काम करने गया था और पुलिस की तलाश की जानकारी मिलने के बाद राजस्थान की ओर चला गया। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस का कहना है कि किशोरी के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच जारी है।