जनपद की एक मात्र रंग कर्म को समर्पित रंग संस्था अस्मिता नाट्य संस्थान व स्व०रंजन मेमोरियल सेवा समिति के सयुक्त तत्वाधान मे27वें वर्ष मे नगर मे स्थित कलाकारो की ह्दय स्थली अग्रवाल सेवा संस्थान मे दोपहर मे स्व०प्रकाश चन्द गुप्ता जी के स्मृति मे सरस्वती वंदना गीत पर नृत्य की प्रस्तुति से कार्य क्रम की शूरूवात हुईउसके बाद बंगाल से आई हुई टीम ने बिधान चन्द्र दास के अगुवाई मे नृत्य की कमान सम्हाल ली और साथ दिया महाराष्ट्र से आई हुई टीम ने दोनो जगह की संस्थाओं ने नृत्य के बहुयामी दृष्य हाल मे बैठे दर्शको को दिखाया जहा कुचीपुड़ी उपशास्त्रीय कत्थक लावड़ी हर तरह के नृत्य की बारिकियों से लोगो को तालीया बजाने के लिए मजवुर किया वही ५साल की बच्ची ने नृत्य करके सबका दिल जीत लिया ..उससे पहले कार्यक्रम की आरम्भ मे उद्घाटन कर्ता समाज सेवी द दिलीप अग्रवाल व दोपहर के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री आनन्द तोदी जी मा सरस्वती के तैल चित्र पर माल्यार्पण कर दीप जलाकर कियाउद्घाटन करते हूए दिलीप अग्रवाल ने कहा कि पहली बार मै इस कार्यक्रम मे आया हू और अभीभुत हू कि ऐसाअलौकिक छटा कलाकार प्रस्तुत कर रहे है!! तन मन धन से संस्था के साथ हू किसी भी प्रकार की जरूरत हो तो बेहिचक संस्था मुझसे सम्पर्क कर सकती है वही आनन्द तोदी ने कहा कि जनपद मे कलाकारो का आगमन प्रत्येक नववर्ष मे होता है और सूदूर और दुर्गम क्षेत्रों से कलाकार हमारे जनपद मे आए हैबधाई के पात्र है आयोजन समिती मण्डल जो बगैर सरकारी सहयोग के इतना बड़ा आयोजन पिछले 26वर्षो से करवा रही हैंवही सान्ध्य वेला मे बरिष्ठ पत्रकार स्व०रंजन कुमार अशोक जी के स्मृति मे कार्यक्रम का आगाज हुआजिसके उद्दघाटन कर्ता अनील जायसवाल महादेव व मुख्य अतिथिराजीव गुप्ता ने मां सरस्वती के तैल चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की बिधीवत शुरुआत कीमुख्य अतिथि राजीव गुप्ता ने कहा किआज मंच से मनोरंजन कही खो गया है लोग मोबाइल मे मनोरंजन खोजते है .मगर हकिकत मे जो सुकुन मंच देता हैवही सच्चा मनोरंजन है अनील महादेव ने कहा कि आए के समय मे बढ़ती महंगाई से लोग इस तरह के कार्यक्रम से दूर होते जा रहे हैफिर भी ऐसा अद्भभुत कार्यक्रम संस्था करवा रही बधाईउसके बाद मणीपुर से आई हुई नाट्य संस्थान ने मणीपुर के सुलगते हुए कढ़वा सच पर प्रहार करते हूए नाटकका मंचन किया जिसमे मणीपुर के हालात को करीने से दिखाया गयाआज का दूसरा नाटक असमीया भाषा मे नाटक 'हाढ़ु 'किया गया जो कि महिलाओं को अभिशापित दिखाने की मंशा को पूरा करता हैबगैर पुरूष पात्र के इस नाटक को अंजाम दिया गया.अन्तिम प्रस्तुति मणीपुर का मणीपुरी लोक नृत्य किया गया.कार्यक्रम का संचालन प्रमोद अग्रहरि ने किया.मौके पर विजय गुप्ता, राकेश अग्रवाल, ओ०पी०चौबे 'डव्लू' गुड्डू विश्वकर्मा, राजू पासवान निक्की गुप्ता रहे
सूर्य प्रकाश सिंह की रिपोर्ट