सारंगपुर। सिविल अस्पताल सारंगपुर में मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। डिलीवरी के महज 72 घंटे बाद ही एक प्रसूता को बीमार नवजात के साथ प्रसूता कक्ष से बाहर कर दिया गया। पलंग नहीं मिलने पर मां को अपने इंफेक्शन से जूझ रहे नवजात के साथ अस्पताल में ही जमीन पर सोने को मजबूर होना पड़ा। परिजनों की शिकायत पर एसडीएम जय सोलंकी अस्पताल पहुंचे तो प्रसूता को जमीन पर देखकर नाराज हो गए। उन्होंने अस्पताल स्टाफ को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल जच्चा-बच्चा के लिए सुरक्षित कमरे और पलंग की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए।
21 अगस्त को हुई थी डिलीवरी, 25 को कर दिया बाहर
ग्राम किशनपुरा निवासी शिवानी पति दुर्गा प्रसाद की 21 अगस्त को डिलीवरी हुई थी। नवजात को इंफेक्शन होने के कारण उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है। परिवार का आरोप है कि 25 अगस्त को मां और बच्चे को प्रसूता कक्ष से बाहर कर दिया गया। इसके बाद पलंग नहीं मिलने पर प्रसूता को जमीन पर लेटना पड़ा।
मामले की शिकायत पति ने एसडीएम से की। एसडीएम जय सोलंकी तहसीलदार शर्मा के साथ अस्पताल पहुंचे। निरीक्षण के दौरान प्रसूता की स्थिति देखकर उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को तत्काल व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। इसके बाद जच्चा-बच्चा के लिए सुरक्षित कमरे की व्यवस्था की गई।
मिठाई और ईनाम के नाम पर पैसे लेने का आरोप
परिजनों ने डिलीवरी के बाद कथित तौर पर मिठाई और ईनाम के नाम पर 500 से 2 हजार रुपए तक लेने का भी आरोप लगाया है। हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। शिकायत के बाद इसकी जांच की आवश्यकता है।
गंदगी, पानी और फटी चादरें देख भी नाराज हुए SDM
निरीक्षण में अस्पताल परिसर में पानी जमा मिला। बेड पर मटमैली और फटी चादरें भी मिलीं। इस पर एसडीएम ने सीबीएमओ केएल भिलवारे को सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। ओपीडी समय में कुछ चिकित्सक अनुपस्थित मिले, जिस पर संबंधित डॉक्टरों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
SDM जय सोलंकी ने कहा: “प्रसूता के परिजनों की शिकायत पर अस्पताल का निरीक्षण किया था। फिलहाल जच्चा-बच्चा को सेफ रूम दे दिया है। चिकित्सालय में गंदगी मिली है और कुछ डॉक्टर ओपीडी समय में नदारद मिले। व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए हैं।”