चंदौली

हसगुल्ला कवि सम्मेलन में गदही दुल्हा-उल्लू दुल्हन विवाह - विवाद होने के कारण अगले वर्ष तक के लिए स्थगित

चंदौली

चंदौली जिले के दीनदयाल उपाध्याय नगर, मुगलसराय के धर्मशाला रोड पर विगत वर्षों की तरह इस वर्ष भी स्वास्थ्यवर्धक महामूर्ख हसो -हसाओ रेला -अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन अस्मिता नाट्य संस्थान एवं अखिल भारतीय लेखक कवि कलाकार परिषद् के संयुक्त तत्वावधान में नाट्य रंगकर्मी विजय कुमार गुप्ता एवं कवि इन्द्रजीत तिवारी निर्भीक के प्रमुख संयोजन/संचालन में डा. ओमप्रकाश द्विवेदी ओम् के अध्यक्षता में, रतनलाल श्रीवास्तव के मुख्य संरक्षण में संपन्न हुआ। उक्त अवसर पर मुख्य संरक्षक ने कहा कि पृथ्वी पर एक मात्र विशेष रूप से प्रसन्नचित्त रहने वाला मानव जीवन है।जिसको सही ढंग से जीवन यापन करने के प्रफुल्लित रहना जरूरी है। पूर्ण स्वस्थ रहने के लिए हमसबको इक- दूजे हसना - हसाना जरूरी है।
अध्यक्षीय संबोधन में डा. ओमप्रकाश द्विवेदी ओम् ने कहा कि ये जीवन एक रंग मंच है। जिसमें नाचे - गावे तोरे तान, दुनियां राखे ओकर मान के मुहावरे को दृष्टिगत रखते हुए हसो -हसाओ रेला का आयोजन काबिले तारीफ योग्य है।अध्यात्मिक गुरु रंजीत मिश्रा गदही दुल्हा- कवि चिंतित बनारसी उल्लू दुल्हन के रूप में इक दूजे को लालीपाप और फूल का माला पहनाकर साथ-साथ चलने का वादा किया।उसी समय गदही दुल्हा-ने कहा कि पूर्व जन्म में मैं मानव थी,अब गदही कुल में आयी हूं, जबसे गदही कुल में आयी हूं, बहुत आत्म सुख पायी हूं, मानव दूध मलाई खाकर भी अपने कुल का अपमान करता है, हमलोग तो घास भूसा खाकर,लादी ढोकर भी अपने कुल का सम्मान करते हैं, इतना सुनते ही उल्लू दुल्हन ने कहा कि उल्लू नहीं करता कभी उल्लूपने की बात, उल्लूपने की बात करता आदमी की जाति, आदमी के जाति का दुष्कर्म देखकर, इसलिए उल्लू दिन में नहीं देखता, देखता है सिर्फ रात, उक्त उदगार को सुनकर गदही दुल्हा-हिनहिनाने लगा, उल्लू दुल्हन देखकर चिकचिकाने लगी। स्थिति को गम्भीरता से देखकर आयोजन अध्यक्ष डॉ ओमप्रकाश द्विवेदी ओम् ने दुल्हा-दुल्हन को झाड़ू से झड़ियाकर काबू में किया। मुख्य संरक्षक रतनलाल श्रीवास्तव ने सूप में दर्जनों अगरबत्ती लगाकर अनूठे अंदाज में दुल्हा-दुल्हन को धूप दिखाया। ये सब देखकर गदही दुल्हा और उल्लू दुल्हन ने विवाह को विवादास्पद देखते हुए अगले वर्ष तक के लिए स्थगित करने का ऐलान किया। श्रोताओं ने दुल्हा-दुल्हन के सम्मान में डफली, ताली, थाली बजाकर जोरदार ठहाका के बीच अपनी खुशियों का इजहार किया।अखिल भारतीय हास्य कवि सम्मेलन में कवि इन्द्रजीत तिवारी निर्भीक के संचालन में कवि फायर बनारसी, अलियार प्रधान, राजबली अनपढ़, रंजीत मिश्रा,अनुज दुबे, प्रमोद अग्रहरि सहित अनेकों रचनाकारों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को लोट-पोट कर दिया।
स्वागताध्यक्ष डा. राजकुमार गुप्ता ने नवसंवत्सर अभिनन्दन सम्मान -2025 , अंगवस्त्र,लालीपाप आदि विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों को भेंट करके बेमेल विवाह को विवादास्पद होने पर अपनी खुशियों का इजहार किया

 

 

 

 

 

सूर्य प्रकाश सिंह की रिपोर्ट