हिंदी रंगमंच दिवस पर चार वरिष्ठ नाट्य कर्मियों - अमलेश श्रीवास्तव, डॉ शुभ्रा वर्मा , कुसुम मिश्र और विजय गुप्ता का सम्मान
वाराणसी। इप्टा बनारस द्वारा हिंदी रंगमंच दिवस के अवसर पर 3 अप्रैल को सायंकाल हिंदी के इतिहास पुरुष भारतेंदु हरिश्चंद्र के चौखंभा स्थित "भारतेंदु भवन " में नाट्य गोष्ठी एवं वाराणसी के चार वरिष्ठ नाट्य कर्मियों अमलेश श्रीवास्तव, डॉ शुभ्रा वर्मा , कुसुम मिश्रा एवं विजय गुप्ता का सम्मान किया गया।इस अवसर पर एक नाट्य गोष्ठी का भी आयोजन किया गया जिसमें उपस्थित नाट्य कर्मियों और विद्वान वक्ताओं ने विचार व्यक्त किये ।इस अवसर पर विद्वान वक्ताओं ने कहा कि नाटक केवल अनुदान जीवी नहीं है , यह जुनून और समर्पण से ही चलता है। इसका पता इससे चलता है कि अनुदान गिनती की संस्थाओं को मिलता है जबकि नाटक करने वाली संस्थाएं सैकड़ो हैं।वक्ताओं ने इस अवसर पर कहा कि वो बड़े भाग्य शाली है जो भारतेंदु के घर में बैठे हैं। उन्होंने भारतेंदु जी के नाट्य हृदय और उनके व्यक्तिव-कृतित्व के बारे में विस्तार से चर्चा की ।गोष्ठी के मुख्य अतिथि प्रो आनंद वर्धन शर्मा, काशी हिंदू विश्वविद्यालय थे जबकि अध्यक्षता अशोक आनंद ने की। इस अवसर पर सम्मानित रंगकर्मियों, डॉ प्रभाष झा ,डॉ रामानंद दीक्षित, अरुण जैन , कुमार विजय आदि ने विचार व्यक्त किये।प्रारम्भ में अतिथियों का स्वागत भारतेंदु वंशज दीपेश चौधरी ने और संचालन वरिष्ठ रंगकर्मी सलीम राजा ने और धन्यवाद ज्ञापन मालिनी चौधरी ने किया।
सूर्य प्रकाश सिंह की रिपोर्ट