सारंगपुर पहुंची दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन यात्रा: बोले- हिंदुत्व नफरत फैलाता है, सनातन धर्म सर्वधर्म समभाव और अहिंसा का मार्ग
सारंगपुर। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की वोट चोरी और चंदा चोरी के खिलाफ निकाली जा रही सत्य सनातन यात्रा सोमवार शाम करीब 4 बजे सारंगपुर पहुंची। गोपालपुरा बायपास के पास एक निजी पेवर्स फैक्ट्री में विश्राम के दौरान उन्होंने प्रेस वार्ता की। इस दौरान दिग्विजय सिंह ने भाजपा पर निशाना साधते हुए हिंदुत्व और सनातन धर्म को अलग-अलग बताया। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म सर्वधर्म समभाव, सत्य और अहिंसा का मार्ग अपनाता है, जबकि हिंदुत्व के नाम पर नफरत फैलाई जा रही है।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनकी यात्रा का उद्देश्य वोट चोरी और चंदा चोरी के मुद्दों को उठाने के साथ सनातन धर्म को सही परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत करना है। उन्होंने कहा, “सनातन धर्म को हिंदुत्व के नाम पर बदनाम किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि पूरे प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश में भी सनातन धर्म को सही परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत किया जाए। यह एक छोटा-सा प्रयास है, जिसमें सभी के सहयोग की जरूरत है।”
उन्होंने कहा कि यदि वोट चोरी के मुद्दे पर कार्रवाई नहीं हुई तो देश में लोकतंत्र और संविधान के सामने संकट खड़ा हो सकता है। दिग्विजय सिंह ने एक नवंबर को इंडिया गठबंधन की प्रस्तावित जनसभा में लोगों से शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि वोट चोरी के खिलाफ चर्चा कर जनजागरूकता का माहौल बनाना जरूरी है।
भाजपा पर साधा निशाना, हिंदुत्व को लेकर कही यह बात
दिग्विजय सिंह ने कहा कि हिंदुत्व शब्द का इस्तेमाल सावरकर ने किया था और उनके मुताबिक इसका सनातन धर्म से संबंध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पास जनहित के मुद्दे नहीं हैं और वह हिंदुत्व के नाम पर नफरत फैलाती है। इसके विपरीत सनातन धर्म लोगों को जोड़ने का काम करता है।
उन्होंने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि उसका उद्देश्य भी लोगों को जोड़ना था। उन्होंने राहुल गांधी के संदेश का हवाला देते हुए कहा कि नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोलनी है।
चंदा चोरी के मामले में कार्रवाई से संतुष्ट नहीं
चंदा चोरी के मामले में हुई कार्रवाई पर दिग्विजय सिंह ने असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि इस मामले में अभी छोटी मछलियां पकड़ी गई हैं, जबकि चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं। उन्होंने कहा कि इन मामलों से लोगों की आस्था को आघात पहुंचा है।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि मंदिर निर्माण या चंदे से जुड़े मामलों में यदि अनियमितताएं हुई हैं तो किसी भी धर्म से जुड़े व्यक्ति के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट चोरी लोकतंत्र पर हमला है और चंदे तथा निर्माण कार्यों में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
खड़गे की सभा में व्यवधान का मुद्दा भी उठाया
मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा में व्यवधान के सवाल पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि सभा को बिगाड़ने का प्रयास किया गया। उन्होंने मांग की कि सभा में व्यवधान डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रेस वार्ता में उन्होंने वोट चोरी, चंदा चोरी, लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के मुद्दों को उठाते हुए लोगों से इन विषयों पर जागरूक होने और अपनी आवाज उठाने की अपील की।