वनराज शेर: लेखिका- निरुपा उपाध्याय

वनराज शेर
लेखिका- निरुपा उपाध्याय 
किसी वन में एक शेर रहता था। लोमड़ी उसकी महामंत्री और बंदर उसका गुप्त चर था। सभी पशु -पक्षी चैन से समय व्यतीत कर रहे थे। एक दिन गुप्तचर बंदर राजा शेर के पास पहुंचकर बोला -महाराज जंगल के मुहाने पर कुछ मानव आए हैं। यह सुनकर शेर ने महामंत्री लोमड़ी और प्रबुद्ध जन भालू ,बंदर आदि से मंत्रणा कर निश्चित किया कि कुछ समय के उपरांत इस वन से प्रस्थान किया जाएगा। सभी पशु -पक्षी तैयारी कर ले ।वर्ष पूरा होते-होते बंदर ने आकर पुनः सूचना दी कि मानव ने कुछ मकान…

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