जनपद चंदौली के दुलहीपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सतपोखरी में तीन वर्षीय(03 ) मासूम सालकिन की दर्दनाक मौत के मामले में राज्य मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। इस संबंध में अधिवक्ता एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता खालिद वकार आबिद ने दिनांक 23 जनवरी 2026 को आयोग में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। जिसका मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान ले लिया है।ज्ञात हो कि 22 जनवरी 2026, बृहस्पतिवार को कलीमुद्दीन के तीन वर्षीय पुत्र सालकिन का शव उसके घर के पीछे बारिश के पानी से भरे एक खुले गड्ढे में बरामद हुआ था। बच्चा 21 जनवरी की शाम खेलने के लिए घर से निकला था और देर रात तक वापस न लौटने पर परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। अगले दिन सुबह घर के पीछे स्थित खुले एवं असुरक्षित गड्ढे में उसका शव पाया गया।सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रथम दृष्टया पुलिस द्वारा मौत का कारण डूबना बताया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारण की पुष्टि हो सकेगी।इस मामले में अधिवक्ता खालिद वकार आबिद ने प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाते हुए राज्य मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि गांव की आबादी के बीच कई खुले गड्ढे हैं, जिनमें बारिश का पानी भर जाता है, लेकिन न तो उन्हें सुरक्षित किया गया और न ही चेतावनी संकेत लगाए गए। यह गंभीर लापरवाही मासूम बच्चे के जीवन के अधिकार का प्रत्यक्ष उल्लंघन है।उन्होंने यह भी बताया कि मृतक का परिवार अत्यंत गरीब है और इस दर्दनाक घटना से माता-पिता गहरे सदमे में हैं। परिवार के पास न तो किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था थी और न ही इस तरह की दुर्घटनाओं से बचाव का कोई साधन।शिकायत में मानवाधिकार आयोग से मांग की गई है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई हो, पीड़ित परिवार को तत्काल समुचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए तथा भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए खुले एवं खतरनाक गड्ढों को भरवाने के निर्देश जारी किए जाएं।इस घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है और ग्रामीणों ने भी प्रशासन से पीड़ित परिवार को सहायता प्रदान करने तथा सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।